
प्रेस विज्ञप्ति
प्रतिनिधि अमेरिका
ट्रंप प्रशासन ने 9/11 आतंकी हमले पर नए दस्तावेज सार्वजनिक किए; मुख्य आरोपी की भूमिका समेत कई अहम खुलासे अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले से जुड़े नए दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, इन दस्तावेजों में अभियोजन पक्ष के पास मौजूद सबूतों की विस्तृत जानकारी दी गई है। जिसमें मुख्य आरोपी खालिद शेख मोहम्मद और अन्य आरोपियों की भूमिका के बारे में भी अहम खुलासे भी हुए हैं।इन नए दस्तावेजों में फोन रिकॉर्ड, अल-कायदा की साजिश के वीडियो और अन्य दस्तावेज शामिल हैं, जिनसे पता चलता है कि खालिद शेख मोहम्मद ने हमलावरों के साथ कैसे तालमेल किया था। अभियोजन पक्ष ने हमले के दिन चार विमानों की उड़ानों का अनुकरण भी किया था, जिसके नतीजे अब सार्वजनिक किए गए हैं।
गुप्त समझौता और कानूनी लड़ाई
इन सबूतों में उन 2,976 लोगों की तस्वीरें और मृत्यु प्रमाण पत्र भी शामिल हैं, जो न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेन्सिलवेनिया के एक मैदान में मारे गए थे। बता दें कि, पेंसिल्वेनिया में चौथा विमान यात्रियों की बहादुरी के कारण जमीन पर गिरा दिया गया था, जिससे और बड़ा नुकसान होने से बच गया। इन दस्तावेजों को एक ऐसे समझौते के तहत उजागर किया गया है, जिसमें मुख्य आरोपी खालिद शेख मोहम्मद और दो अन्य आरोपियों ने हमले की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली थी। इसके बदले में उन्हें मृत्युदंड की जगह आजीवन कारावास की सजा देने की शर्त तय हुई थी। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग इस समझौते को खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
समझौते को सार्वजनिक करने के लिए मीडिया की लड़ाई
एसोसिएटेड प्रेस, न्यूयॉर्क टाइम्स, एनपीआर, वॉशिंगटन पोस्ट, फॉक्स न्यूज, एनबीसी और युनिविजन जैसी बड़ी मीडिया कंपनियों ने इस समझौते को सार्वजनिक करने के लिए मुकदमा दायर किया है। दस्तावेजों में कई हिस्सों को अभी भी गुप्त रखा गया है, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि आगे और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। इस समझौते में एक अनोखी शर्त यह भी रखी गई थी कि खालिद शेख मोहम्मद को 9/11 के पीड़ितों के परिवारों के सवालों का जवाब देना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि पीड़ित परिवारों को यह महसूस न हो कि अभियोजन पक्ष ने कोई अहम जानकारी छुपा ली है।
ग्वांतानामो जेल में क्यों लंबित है मामला?
इस मामले पर कानूनी प्रक्रिया लंबे समय से रुकी हुई थी। ग्वांतानामो जेल में पिछले 20 साल से इस केस की सुनवाई केवल प्रारंभिक चरण में ही अटकी रही है। इसमें देरी की मुख्य वजह आरोपियों पर सीआईए की तरफ से किए गए कथित यातनाओं के प्रभाव और ग्वांतानामो कोर्ट के बार-बार बदलते स्टाफ को बताया जा रहा है। अब यह मामला अदालत में है, जहां रक्षा विभाग इस समझौते को खत्म करने के लिए लड़ रहा है। इस कानूनी लड़ाई का नतीजा तय करेगा कि 9/11 हमले से जुड़े सभी सबूत कब और कैसे पूरी दुनिया के सामने आएंगे।
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